ॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
ॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
Gayatri Mantra Jaap & Havan
|| 📖 मंत्र: ||
Spiritual Purification: Cleanses the mind, soul, and thoughts. Divine Energy & Positivity: Regular chanting generates divine energy within the body. Focus & Concentration: Highly beneficial for students and meditators. Removal of Negativity: Helps to cleanse sins and negative thoughts. Purification of Surroundings: Havan purifies the environment and spreads positive energy.
🔹 गायत्री मंत्र हवन विधि
🌿 आवश्यक सामग्री (Samagri)
हवन कुंड (या अग्निकुंड),आम की लकड़ी या सूखी लकड़ी,घी (शुद्ध देशी घी),कपूर,हवन समिधा (लकड़ी की छोटी-छोटी टहनियाँ),हवन सामग्री (सुगंधित द्रव्य – जैसे चंदन, गूगल, कपूर, जड़ी-बूटियाँ), अक्षत (पीले चावल), रोली, हल्दी, फूल, पानी से भरा छोटा कलश, आसन और स्वच्छ कपड़ा
🔥 हवन विधि (Step by Step)
1. शुद्धिकरण, 2. पूजन प्रारंभ, 3. अग्नि प्रज्वलन, 4. आहुतियाँ कम से कम 108 आहुतियाँ दें।
🌸 लाभ (Benefits)
घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक होता है।
परिवार में शांति, सुख और समृद्धि आती है।
मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
बच्चों की पढ़ाई और एकाग्रता में लाभ होता है।
आध्यात्मिक उन्नति और आत्मबल प्राप्त होता है।